mazaa hi mazaa hai nasha hi nasha hai | मज़ा ही मज़ा है नशा ही नशा है

  - Rakesh Mahadiuree

मज़ा ही मज़ा है नशा ही नशा है
किसी को किसी का पता मिल गया है

हमारी तरफ़ से मुहब्बत हुई है
तुम्हारी तरफ़ का ख़ुदा जानता है

उन्हीं क़ातिलों पे यक़ीं कर रहे हैं
ख़ुदा को मुहब्बत ने बहका दिया है

हमारी तरफ़ से नज़र को हटा लो
हमें इस नज़र की सदाकत पता है

हमें दिल समझकर मिटा क्या सकोगे
मुहब्बत के बंदों पे फ़ज़्ल-ए-ख़ुदा है

यूँँ हँस के कलेजा नहीं माँगते हैं
ख़ुदाया अदाओं से दिल काँपता है

मेरे दोस्त मुझपे सितम आज कर लो
मगर ये न भूलो मेरा भी ख़ुदा है

मुझे तुम सेे करनी वफ़ा तो नहीं थी
मगर पारसाओं ने बहका दिया है

  - Rakesh Mahadiuree

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