तुमको प्यार करते थे तुमको प्यार करते हैं
जाँ निसार करते थे जाँ निसार करते हैं
ख़ुश रहे हमेशा तू हर ख़ुशी मुबारक हो
बस यही दु'आ रब से बार-बार करते हैं
उँगलियाँ उठाते हैं लोग दोस्तों पर भी
हम तो दुश्मनों पर भी एतिबार करते हैं
हम तो जान दे देते उनके इक इशारे पर
दोस्तों में वो हमको कब शुमार करते हैं
फूल सा खिला चेहरा आँख वो ग़ज़ालों सी
मुझको ख़्वाब में अक्सर बेक़रार करते हैं
As you were reading Shayari by SALIM RAZA REWA
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