इतना भी अब वक़्त नहीं है उसके पास
दो पल आ के बैठ सके वो मेरे पास
उसको पा कर के भी अब क्या करना है
वो जो ख़ुद को बाँट चुका है सबके पास
कुछ ऐसे हम व्यस्त हुए इस जीवन में
दूरी है अब उस सेे जो था सब सेे पास
ढूँढ रहा हूँ कोई लौटा दो आकर
जाने ख़ुद को छोड़ दिया है किसके पास
इस धड़कन की बोली को समझा करता
काश कि कोई होता दिल के इतने पास
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