@sarvjeet
Sarvjeet Singh shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Sarvjeet Singh's shayari and don't forget to save your favorite ones.
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न बन अनजान इतना आज जल्दी आसमाँ में आ
कि थोड़ा तो तरस कर चाँद मेरा चाँद भूखा है
इस खिड़की के बाहर जो दिखता है वो सुंदर तो है
पर ये खिड़की दुख देती है इस खिड़की को बंद करो
मन करता है उसका तो दिल की बतलाने लगता है
और कभी फिर मुझसे हफ़्तों-हफ़्तों बात नहीं करता
उसे इस बात का डर है कहीं कुछ छूट जाएगा
मुझे इस बात का डर है कहीं सब कुछ न मिल जाए
बहुत आसान सा था मैं
मुझे मुश्किल किया तूने
धड़कने को धड़कता था
इसे पर दिल किया तूने
अगर चाहा ख़ुदा ने तो दुबारा फिर मिलेंगे हम
वगरना ये ज़माना है हमारा दिल लगाने को
वो जो मुझको कुछ पल अपना लगता है
क्यों वो कुछ पल बाद पराया लगता है
वो जो मेरे साथ बहुत सालों से है
वो अब और किसी का साया लगता है
वो बस मुझसे हँस के बातें करता है
और न जाने सबको क्या-क्या लगता है
उसके आगे मेरी क़ीमत ख़ास नहीं
उसको जो हो महँगा सस्ता लगता है
दिल की बातें दिल में रखना ठीक नहीं
कह कर देखो काफ़ी अच्छा लगता है
बता ऐ चाँद यार-ए-आश्ना का हाल कैसा है
मुझे मालूम है तुझको तो वो सब कुछ बताता है
अब उसके मरने पर यूँ इतना अफ़सोस जताते हो
जब वो ज़िंदा था तब उसका हाल कभी पूछा था क्या?
चंद से पैसे कमा कर यूँ न तू ख़ुद को ख़ुदा कर
आदमी है ना तो मुझसे आदमी जैसे मिला कर
ज़माना ख़ुद को बदले या न बदले ये उसी पर है
कही पर तुम किसी की यूँ न अपने आप को बदलो
ये शेर जो मैं लिख रहा हूँ कौन पूछेगा इसे
ये शेर जो तुम पढ़ रही हो हर ज़बाँ पर होगा अब