मुझ सेे चाहता है जो तुझे हासिल नहीं होना
करके क़त्ल ख़्वाबों का मुझे क़ातिल नहीं होना
मुझको राह अपनी इक बनानी इस ज़माने में
सबकी ही तरह इस भीड़ में शामिल नहीं होना
ख़ुद को हौसला दे ये कि चलना चाहता है तू
फिर पहले कदम के बाद कुछ मुश्किल नहीं होना
कुछ तो वास्ता रखना है मुझको मौत से भी अब
सुन ऐ ज़िन्दगी मुझको तिरा क़ाइल नहीं होना
रहना दूर ही हमको पड़ेगा एक दूजे से
तू दरिया नहीं होना व मैं साहिल नहीं होना
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