ऐसा लगता है ये धड़कन जारी है
जब तक मेरी तुम से अनबन जारी है
छोटी छोटी बातों पर लड़ लेते हैं
अब तक हम दोनों का बचपन जारी है
मजबूरी है उस को छोड़ नहीं सकते
बस इक रिश्ता है जो बेमन जारी है
तेरे आने की आशा में दिन गिनना
बावन तिरपन चौवन पचपन जारी है
— Sarvjeet Singh















