ab kabhi pyaar kii baaton men nahin aanaa hai | अब कभी प्यार की बातों में नहीं आना है

  - Sohil Barelvi

अब कभी प्यार की बातों में नहीं आना है
मुझ को बेकार की बातों में नहीं आना है

बाद मुद्दत के मेरे दिल ने सुनी है अपनी
आज संसार की बातों में नहीं आना है

ना-ख़ुदा इस में तिरी चाल नज़र आती है
मुझ को उस पार की बातों में नहीं आना है

जो तमाशा हो मेरे सामने हो अब मुझ को
उस फ़ुसूँ-कार की बातों में नहीं आना है

छोड़ जाएगा मुझे और भी तन्हा कर के
आज ग़म-ख़्वार की बातों में नहीं आना है

घर से निकलूँगा तभी देख सकूँगा दुनिया
मुझ को दीवार की बातों में नहीं आना है

जो तिरे दिल में है वो बात ख़ुदारा कह दे
आज इंकार की बातों में नहीं आना है

  - Sohil Barelvi

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