tang haalaat men KHush tha jo guzaara kar ke | तंग हालात में ख़ुश था जो गुज़ारा कर के

  - Sohil Barelvi

तंग हालात में ख़ुश था जो गुज़ारा कर के
इस बरस छोड़ गया मुझ को पराया कर के

मेरी तकलीफ़ में कुछ और इज़ाफ़ा कर के
जाने क्या मिल गया होगा उसे ऐसा कर के

और बढ़ता है मरज़ चीख़ने चिल्लाने से
मैं ने देखा है कई बार तमाशा कर के

कोई दिल तक नहीं पहुँचा है अभी तक मेरे
और जीना है अभी दिल मुझे छोटा कर के

हम भी अच्छे हैं ज़माना भी है अच्छा लेकिन
इक दफ़ा देखिए इस बात को उल्टा कर के

कितने ज़ालिम हैं तेरे शहर के चारागर देख
फिर से मरने को मुझे छोड़ा है अच्छा कर के

नर्म आवाज़ में फिर भी नहीं बोला वो शख़्स
जब कि ख़ामोश खड़ा सर को मैं नीचा कर के

  - Sohil Barelvi

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