तुम पूछते हो वो मुझे कितना अज़ीज़ है
उस ने पहन रखी है जो मेरी क़मीज़ है
मैं मानता नहीं था ये खाने की चीज़ है
तुम ने बना दिया तो करेला लज़ीज़ है
कैसे मुशायरे में बुलाएँ उसे मियाँ
शाइ'र कमाल का है मगर बद-तमीज़ है
— Tanoj Dadhich
उस ने पहन रखी है जो मेरी क़मीज़ है
मैं मानता नहीं था ये खाने की चीज़ है
तुम ने बना दिया तो करेला लज़ीज़ है
कैसे मुशायरे में बुलाएँ उसे मियाँ
शाइ'र कमाल का है मगर बद-तमीज़ है
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