उसके लहजे में ढल नहीं पाया
अपनी दुनिया बदल नहीं पाया
साथ चलने का वा'दा करके भी
वो मेरे साथ चल नहीं पाया
सारी दुनिया को छलने वाला मैं
एक लड़की को छल नहीं पाया
As you were reading Shayari by ABhishek Parashar
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