titliyon ka dil dukh | तितलियों का दिल दुखाना नहीं है

  - ABhishek Parashar

तितलियों का दिल दुखाना नहीं है
फूल बाग़ों से चुराना नहीं है

हम हवा उनकी चुराते हैं उन सेे
ये दरख़्तों को बताना नहीं है

ठीक होगा ख़ुद-कुशी करना अब तो
जीने का कोई बहाना नहीं है

मेरे कमरे में है तन्हाई मेरी
और तो कोई ख़ज़ाना नहीं है

मेरे दिल में उसकी यादें रहेंगी
अब किसी को दिल में आना नहीं है

मैं जहाँ रहता नहीं हूँ वहाँ पे
याद रखना तुमको जाना नहीं है

  - ABhishek Parashar

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