ham tere is jahaan ke the hi nahin | हम तेरे इस जहाँ के थे ही नहीं

  - Viru Panwar

हम तेरे इस जहाँ के थे ही नहीं
बे-ज़बाँ थे ज़बाँ के थे ही नहीं

हम तो बस दास्ताँ सुनाते थे
हम किसी दास्ताँ के थे ही नहीं

ज़ख़्म अपने किसे दिखाते हम
ज़ख़्म अपने निशाँ के थे ही नहीं

कैसा शिकवा कि 'इश्क़ के सौदे
यार सूद-ओ-ज़ियाँ के थे ही नहीं

दोस्तों पर यक़ीन क्या करते
दोस्त अपनी ज़बाँ के थे ही नहीं

उन को भी कर दिया बयाँ मैंने
हादसे जो बयाँ के थे ही नहीं

जिन की परवाज़ देखनी थी तुम्हें
पंछी वो आसमाँ के थे ही नहीं

  - Viru Panwar

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