Kumar gyaneshwar

Top 10 of Kumar gyaneshwar

    इश्क़ में जिस को भी डर लगता नहीं है
    समझो वो इस खेल में पहला नहीं है

    उस ने पूछा माँगते हो क्या ख़ुदा से
    वो सिवा जिस के कि कुछ माँगा नहीं है

    वो मोहब्बत में नहीं है सच है लेकिन
    ये भी सच है दोस्त वो मेरा नहीं है

    उम्र भर का हम ने वा'दा कर लिया था
    और कुछ भी उम्र भर रहता नहीं है

    ख़ुद-कुशी का सोच भी लूँ गर कभी तो
    दिल ये कहता है सही मौक़ा नहीं है
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    Kumar gyaneshwar
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    चाहते हो उसे पता न लगे
    दूसरा इश्क़ दूसरा न लगे

    बेवफ़ाई गुनाह है और तुम
    सोचते हो कि बद-दु'आ न लगे
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    Kumar gyaneshwar
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    है नहीं अब जो रिश्ता हमारा
    कर रहा क्यूँ तू चर्चा हमारा

    बाँधी थी तुम ने हाथों घड़ी जब
    ख़ुश था कितना ये चेहरा हमारा

    इक तिरे माथे पर बोसा देकर
    टूटता था यूँ रोज़ा हमारा

    कहता हूँ सब से रोता नहीं मैं
    आँखें ही जाने गिर्या हमारा

    तेरे जाने पे अब सोचता हूँ
    था कभी तू ही साया हमारा

    अब न कर हम से बातें वफ़ा की
    जानता है तू ग़ुस्सा हमारा

    बा'द तेरे बदल जाना है सब
    छोड़ कर बस ये लहजा हमारा

    इश्क़ करने से पहले ऐ लड़कों
    देख लेना ये कतबा हमारा

    शा'इरी और ये नौकरी भी
    दोनों से चलता ख़र्चा हमारा
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    Kumar gyaneshwar
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    सीखनी है अब तेरे जैसी ही अदा मुझ को
    लोग ख़ामख़ा ही कहते हैं जाँ बुरा मुझ को

    तुम से इश्क़ में बस ये फ़ायदा हुआ है अब
    लोग दे रहे हैं हर बात पर दुआ मुझ को

    यार सारे मेरे ये पूछते हैं कैसा हूँ
    बस ये दिल ही टूटा है और क्या हुआ मुझ को
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    तेरे जाने के सद
    में से कभी बाहर नहीं आए
    और हम को इम्तिहान-ए-इश्क़ में नंबर नहीं आए


    हमारे साथ चलने की तमन्ना रखने वाले तुम

    ये भी अब चाहते हो राह में पत्थर नहीं आए
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    Kumar gyaneshwar
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    ये मैं ने कब कहा कि बस मुझी से राब्ता रहे
    अगर जो कुछ नहीं है तो मिरी जाँ फ़ासला रहे

    तेरे दिए हुए वो सारे फूल सूख जाने हैं
    तेरा दिया हुआ ये ज़ख़्म तो हरा भरा रहे
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    Kumar gyaneshwar
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    रंग लाल और इक अदा-ए-ख़ास चेहरा
    जी रहा है देख कर जिसे उदास चेहरा

    क्यूँ करें ग़मो का ज़िक्र अब किसी के पास हम
    साथ है मिरे जो एक ग़म शनास चेहरा
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    Kumar gyaneshwar
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    वफ़ा की बात पर इतनी शिकायत कौन करता है
    न जाने इन गुलाबों से मोहब्बत कौन करता है


    हमारे साथ रह कर तुम भी इतना सीख जाओगे

    पुरानी याद की आख़िर हिफाज़त कौन करता है।
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