इश्क़ में जिस को भी डर लगता नहीं है

समझो वो इस खेल में पहला नहीं है

उस ने पूछा माँगते हो क्या ख़ुदा से
वो सिवा जिस के कि कुछ माँगा नहीं है

वो मोहब्बत में नहीं है सच है लेकिन
ये भी सच है दोस्त वो मेरा नहीं है

उम्र भर का हम ने वा'दा कर लिया था
और कुछ भी उम्र भर रहता नहीं है

ख़ुद-कुशी का सोच भी लूँ गर कभी तो
दिल ये कहता है सही मौक़ा नहीं है

— Kumar gyaneshwar

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