@Gyaneshwar
Kumar gyaneshwar shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Kumar gyaneshwar's shayari and don't forget to save your favorite ones.
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देखो इतना भी ये आसान नहीं होता है
ग़म हो तो कौन परेशान नहीं होता है
इश्क़ में ख़ुदकुशी करने जा रहे ऐ लड़के
तुम तो कहते थे कि नुक़सान नहीं होता है
दुआएँ देता है पर मसअले का हल नहीं करता
मैं और करता भी क्या ख़ुद को अगर पागल नहीं करता
मोहब्बत भी नहीं मिलती न दिल ये टूटता ही है
ख़ुदा मुझको किसी भी काम में अव्वल नहीं करता
कोई इस दर्जा न हो आसान मुझ पर
यूँ लगे अब हो रहा एहसान मुझ पर
एक रिश्ता एक वादा एक लड़की
बस हुआ इतनों का ही नुक़्सान मुझ पर
दुआओं में अगर मेरे असर आए
तू मुझसे मिलने यूँ ही उम्र भर आए
तुझे यूँ देखने के बाद मुमकिन है
ख़ुदा इक रोज़ धरती पे उतर आए
चाहते हो उसे पता न लगे
दूसरा इश्क़ दूसरा न लगे
बेवफ़ाई गुनाह है और तुम
सोचते हो कि बद-दु'आ न लगे
जो बच्चे अपनी नादानी में करते हैं
वो सब हम जैसे हैरानी में करते हैं
न पूछो फ़ायदा हमसे मोहब्बत का
यही इक काम नुक़सानी में करते हैं
तेरे जाने के सदमे से कभी बाहर नहीं आए
और हमको इम्तिहान-ए-इश्क़ में नम्बर नहीं आए
हमारे साथ चलने की तमन्ना रखने वाले तुम
ये भी अब चाहते हो राह में पत्थर नहीं आए
एक तस्वीर जो बन आती है बीनाई में
याद बस उस को ही करता हूँ मैं तन्हाई में
हम को अब जाके ये मालूम हुआ है यारों
कितना कुछ होता है इक शख़्स की परछाई में
ये मैंने कब कहा कि बस मुझी से राब्ता रहे
अगर जो कुछ नहीं है तो मिरी जाँ फ़ासला रहे
तेरे दिए हुए वो सारे फूल सूख जाने हैं
तेरा दिया हुआ ये ज़ख्म तो हरा भरा रहे
रंग लाल और इक अदा-ए-ख़ास चेहरा
जी रहा है देखकर जिसे उदास चेहरा
क्यों करें ग़मो का ज़िक्र अब किसी के पास हम
साथ है मिरे जो एक ग़म शनास चेहरा
वफ़ा की बात पर इतनी शिकायत कौन करता है
न जाने इन गुलाबों से मोहब्बत कौन करता है
हमारे साथ रहकर तुम भी इतना सीख जाओगे
पुरानी याद की आख़िर हिफाज़त कौन करता है।