
दुआएँ देता है पर मसअले का हल नहीं करता
मैं और करता भी क्या ख़ुद को अगर पागल नहीं करता
मोहब्बत भी नहीं मिलती न दिल ये टूटता ही है
ख़ुदा मुझ को किसी भी काम में अव्वल नहीं करता
— Kumar gyaneshwar
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