तेरे बग़ैर मुझको भला क्या दिखाई दे
तू साथ हो तो शहर ये अच्छा दिखाई दे
ये लोग ये फ़ज़ा ये दर-ओ-बाम सब हैं पर
मुमकिन नहीं कि कोई जो तुझ सा दिखाई दे
सारे ख़याल ख़ुदकुशी के छोड़ दूँगा मैं
जो ख़्वाब में भी मुझको तू मेरा दिखाई दे
हम आशिक़ों की बस यही ख़्वाहिश रही है अब
हमको तमाम 'उम्र ये चेहरा दिखाई दे
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