सीखनी है अब तेरे जैसी ही अदा मुझ को
लोग ख़ामख़ा ही कहते हैं जाँ बुरा मुझ को
तुम से इश्क़ में बस ये फ़ायदा हुआ है अब
लोग दे रहे हैं हर बात पर दुआ मुझ को
यार सारे मेरे ये पूछते हैं कैसा हूँ
बस ये दिल ही टूटा है और क्या हुआ मुझ को
— Kumar gyaneshwar
लोग ख़ामख़ा ही कहते हैं जाँ बुरा मुझ को
तुम से इश्क़ में बस ये फ़ायदा हुआ है अब
लोग दे रहे हैं हर बात पर दुआ मुझ को
यार सारे मेरे ये पूछते हैं कैसा हूँ
बस ये दिल ही टूटा है और क्या हुआ मुझ को
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