ध्यान जब से हमारा तुम्हारी तरफ़
फिर रहा मारा मारा तुम्हारी तरफ़
कोई है भी जिसे अपना कहती हो तुम
कोई है भी तुम्हारा तुम्हारी तरफ़
ख़ूब-सूरत है दुनिया में गर कोई शय
समझो उस का इशारा तुम्हारी तरफ़
— Kumar gyaneshwar
फिर रहा मारा मारा तुम्हारी तरफ़
कोई है भी जिसे अपना कहती हो तुम
कोई है भी तुम्हारा तुम्हारी तरफ़
ख़ूब-सूरत है दुनिया में गर कोई शय
समझो उस का इशारा तुम्हारी तरफ़
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