Ibaadat Shayari - Poetic Verses Reflecting Devotion and Spirituality

Explore a soulful collection of Ibaadat Shayari that beautifully captures the essence of devotion, faith, and spirituality. These poetic lines express the purity of prayer and the deep connection to the divine.

Best Ibaadat Shayari on Devotion and Faith

prarthana shayari
तेरे होंठो से गर इक काम लेना हो
तेरे होंठो से हम बस इक दुआ लेंगे
Siddharth Saaz
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दुख कम मिलें इस साल तुमको उस बरस से
ये साल तुमको हौसला दे ये दुआ है
Siddharth Saaz
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जिसके कदमों पर मैंने अपना दिल रक्खा है
मौला ने उसके होटों पर एक तिल रक्खा है
Jasmeet singh 'Meet'
हमारा इश्क़ इबादत का अगला दर्जा है
ख़ुदा ने छोड़ दिया तो तुम्हारा नाम लिया

ग़मों से बैर था सो हमने ख़ुदकुशी कर ली
शजर ने गिर के परिन्दों से इन्तेक़ाम लिया
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Balmohan Pandey
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उस दुश्मन-ए-वफ़ा को दुआ दे रहा हूँ मैं
मेरा न हो सका वो किसी का तो हो गया
Hafeez Banarsi
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Heart Touching Ibaadat Shayari in Hindi

pooja shayari
बाप ज़ीना है जो ले जाता है ऊँचाई तक
माँ दुआ है जो सदा साया-फ़गन रहती है
Sarfraz Nawaz
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दुआ करो कि सलामत रहे मिरी हिम्मत
ये इक चराग़ कई आँधियों पे भारी है
Waseem Barelvi
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मुत्तकी हो गया ख़ौफ़-ए-बीवी से मैं
अब इबादत का सौदा मेरे सर में है

मैंने दाढ़ी बढ़ाई तो कहने लगी
अब कमीना ये हूरों के चक्कर में है
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Paplu Lucknawi
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मोहब्बत अपनी क़िस्मत में नहीं है
इबादत से गुज़ारा कर रहे है
Fahmi Badayuni
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कौन देकर गया दुआ दिल को
उम्र भर दर्द ही रहा दिल को

दस्तकें दे रहा है कुछ दिन से
हमसे क्या काम पड़ गया दिल को
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Subhan Asad
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Emotional Ibaadat Shayari on Love and Spirituality

बस मैं मायूस होने वाला था
और मौला ने तुझ को भेज दिया
Zubair Ali Tabish
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हाँ मैं तो लिए फिरता हूँ इक सजदा-ए-बेताब
उन से भी तो पूछो वो ख़ुदा हैं कि नहीं हैं
Hafeez Jalandhari
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हमेशा इक दूसरे के हक़ में दुआ करेंगे ये तय हुआ था
मिलें या बिछड़ें मगर तुम्हीं से वफ़ा करेंगे ये तय हुआ था
Shabeena Adeeb
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मैं नज़र से पी रहा था तो ये दिल ने बद-दुआ दी
तिरा हाथ ज़िंदगी भर कभी जाम तक न पहुँचे
Shakeel Badayuni
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उस की याद आई है साँसो ज़रा आहिस्ता चलो
धड़कनों से भी इबादत में ख़लल पड़ता है
Rahat Indori
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Beautiful Ibaadat Shayari in Urdu

मेरी दुआ है और इक तरह से बद्दुआ भी है
ख़ुदा तुम्हें तुम्हारे जैसी बेटियाँ अता करे
Tehzeeb Hafi
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तर्जुबा था सो दुआ की के नुकसान ना हो
इश्क मजदूर को मजदूरी के दौरान ना हो

मै उसे देख ना पाता था परेशानी मे
सो दुआ करता था मर जाये परेशान ना हो
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Afkar Alvi
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कभी अल्लाह मियाँ पूछेंगे तब उनको बताएँगे
किसी को क्यों बताएँ हम इबादत क्यों नहीं करते
Farhat Ehsaas
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कमी कमी सी थी कुछ रंग-ओ-बू-ए-गुलशन में
लब-ए-बहार से निकली हुई दुआ तुम हो
Ali Sardar Jafri
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जिसने बेचैनियाँ दी हैं मुझे बेचैन रहे
मैंने रो-रो के ख़ुदा से ये दुआ माँगी है
Shajar Abbas

Short Ibaadat Shayari for Instagram Captions

बढ़ के इम्कान से नुक़्सान उठाए हुए हैं
हम मुहब्बत में बहुत नाम कमाए हुए हैं

मेरे मौला मुझे ताबीर की दौलत दे दे
मैंने इक शख़्स को कुछ ख़्वाब दिखाए हुए हैं
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Ejaz Tawakkal Khan
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दुआ को हाथ उठाते हुए लरज़ता हूँ
कभी दुआ नहीं माँगी थी माँ के होते हुए
Iftikhar Arif
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रास्ता जब इश्क का मौज़ूद है
फिर किसी की क्यूँ इबादत कीजिये?

ख़ुदकुशी करना बहुत आसान है
कुछ बड़ा करने की हिम्मत कीजिये
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Bhaskar Shukla
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ज़रूरत सब कराती है मोहब्बत भी इबादत भी
नहीं तो कौन बेमतलब किसी को याद करता है
Umesh Maurya
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है दुआ याद मगर हर्फ़-ए-दुआ याद नहीं
मेरे नग़्मात को अंदाज़-ए-नवा याद नहीं
Saghar Siddiqui
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Poetic Ibaadat Shayari on Prayer and Worship

रहता है इबादत में हमें मौत का खटका
हम याद-ए-ख़ुदा करते हैं कर ले न ख़ुदा याद
Akbar Allahabadi
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चलती फिरती हुई आँखों से अज़ाँ देखी है
मैं ने जन्नत तो नहीं देखी है माँ देखी है
Munawwar Rana
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मुझपे पड़ती नहीं बलाओं की धूप
सर पे साया-फ़िगन है माँ की दुआ
Amaan Haider
घी मिस्री भी भेज कभी अख़बारों में
कई दिनों से चाय है कड़वी या अल्लाह
Nida Fazli
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उठते नहीं हैं अब तो दुआ के लिए भी हाथ
किस दर्जा ना-उमीद हैं परवरदिगार से
Akhtar Shirani
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Ibaadat Shayari on Hope and Belief

दवा से हल न हुआ तो दुआ पे छोड़ दिया
तिरा मोआमला हम ने ख़ुदा पे छोड़ दिया
Khurram Afaq
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अभी ज़िंदा है माँ मेरी मुझे कुछ भी नहीं होगा
मैं घर से जब निकलता हूँ दुआ भी साथ चलती है
Munawwar Rana
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जो दोस्त हैं वो माँगते हैं सुलह की दुआ
दुश्मन ये चाहते हैं कि आपस में जंग हो
Lala Madhav Ram Jauhar
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कितने हसीं हो माशा-अल्लाह
तुम पे मोहब्बत ख़ूब जचेगी
Zubair Ali Tabish
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लब पे आता था जो दुआ बन कर
दिल में रहता है अब ख़ला बन कर

कितना इतरा रहा है अब वो फूल
तेरे बालों का मोगरा बन कर
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Haider Khan
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Thoughtful Ibaadat Shayari on Inner Peace

उम्र भर जिसने न मांगा हो खुदा से कुछ भी
उस ने बस तुम से मोहब्बत की दुआ मांगी है
Shadab Asghar
दुआ में माँग लूँ मैं उसको लेकिन
फ़क़त पाना मेरा मक़सद नहीं है
Shadab Asghar
मुहब्बत में हमने सियासत न की
तभी इश्क़ में कोई बरकत न की

उसे मानता था मैं अपना ख़ुदा
कभी उसकी लेकिन इबादत न की
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RAJAT AWASTHI
कोई दवा न दे सके मशवरा-ए-दुआ दिया
चारागरों ने और भी दर्द दिल का बढ़ा दिया
Hafeez Jalandhari
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माँ की करते हुए ख़िदमत मुझे आ जाए क़ज़ा
ऐ ख़ुदा एक ये बेटे की दुआ है तुझसे
''Akbar Rizvi''

Inspirational Ibaadat Shayari on Connection with God

दरवाज़े पर दस्तक देने से पहले
मेरे हाथ दुआ में ख़ुद उठ जाते हैं
Tanoj Dadhich
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दुनिया कुछ देरी से सजदा करती है
जोगी पहले दिन से जोगी होता हैं
Vishal Bagh
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तिरा दिल मुस्कुराएगा दुआ है
हमें भी तो भरोसा है ख़ुदा पर
Meem Alif Shaz
तिरे लबों में मिरे यार ज़ाइक़ा नहीं है
हज़ार बोसे हैं उन पर प इक दुआ नहीं है
Pallav Mishra
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उस से मिले ज़माना हुआ लेकिन आज भी
दिल से दुआ निकलती है ख़ुश हो जहाँ भी हो
Mohammad Alvi
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Ibaadat Shayari on Purity and Blessings

हाए कोई दवा करो हाए कोई दुआ करो
हाए जिगर में दर्द है हाए जिगर को क्या करूँ
Hafeez Jalandhari
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ये इम्तियाज़ ज़रूरी है अब इबादत में
वही दुआ जो नज़र कर रही है लब भी करें
Abhishek shukla
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अगर हुकूमत तुम्हारी तस्वीर छाप दे नोट पर मेरी दोस्त
तो देखना तुम कि लोग बिल्कुल फिजूलखर्ची नहीं करेंगे

हमारे चंद अच्छे दोस्तों ने ये वादा ख़ुद से किया हुआ है
कि शक्ल अल्लाह ने अच्छी दी है सो बातें अच्छी नहीं करेंगे
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Rehman Faris
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अल्लाह अल्लाह हुस्न की ये पर्दा-दारी देखिए
भेद जिस ने खोलना चाहा वो दीवाना हुआ
Arzoo Lakhnavi
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लहजा कि जैसे सुब्ह की ख़ुश्बू अज़ान दे
जी चाहता है मैं तिरी आवाज़ चूम लूँ
Bashir Badr
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