Jitendra Tiwari

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@JitendraTiwari

Jitendra Tiwari shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Jitendra Tiwari's shayari and don't forget to save your favorite ones.

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  • Sher
  • Ghazal

Sher

उन को केवल अपनी इज़्ज़त प्यारी थी हम पर रिश्ते की भी ज़िम्मेदारी थी — Jitendra Tiwari
निकल तो आए हम घर से तुम्हारी याद को ले कर मगर जाएँ कहाँ अब इस दिल-ए-बर्बाद को ले कर — Jitendra Tiwari
इज़्ज़त-दारों ने ये बात बताई है इज़्ज़त की पहली सीढ़ी रुस्वाई है — Jitendra Tiwari
इस दुनिया में जितने सर हैं सबके अपने-अपने डर हैं — Jitendra Tiwari
इस ख़ातिर भी नाम कमाना है मुझ को तुझ को भी तो दुख हो मुझ को खोने का — Jitendra Tiwari
वो इस कारण दुखी है कि हर इंसाँ सुखी है — Jitendra Tiwari
ये जो ‘ना’ सुनने का डर है ये हर इंसाँ के अंदर है — Jitendra Tiwari
कहने को मैं काफ़ी कुछ कह सकता था लेकिन उस की इज़्ज़त भी तो रखनी थी — Jitendra Tiwari
यूँँ नज़र-अंदाज़ मत कर पेड़ को लौट कर आना है इस के साए में — Jitendra Tiwari
जितना पानी था नदिया में सूख गया अब पूजा के फूल विसर्जन कैसे हों — Jitendra Tiwari

Ghazal

बिन फलों का पेड़ था जो, बे-सहारा हो गया पेड़ जिस पर फल लगे सबका दुलारा हो गया काम लगभग बन चुका था इस दफ़ा तदबीर से पर मेरी तक़दीर का फिर से इशारा हो गया हम ज़रा सा क्या अलग चलने लगे सारा जहाँ देखते ही देखते दुश्मन हमारा हो गया सात जन्मों की क़सम ले कर चले थे साथ वो सात दिन के बा'द ही मेरा-तुम्हारा हो गया इश्क़ होता है फ़क़त इक बार कहते हैं मगर वो बताओ क्या करें जिन को दोबारा हो गया इस क़दर हमशक्ल हैं दोनों बताऊँ क्या मियाँ चाँद को देखा, लगा, उन का नज़ारा हो गया इश्क़ की बाज़ी लगाई थी बड़े ही शौक़ से सोचते थे हम नफ़ा होगा, ख़सारा हो गया जाएँगे तो कौन रोकेगा हमें, ये सोच कर उठ रहे थे हम तभी उन का इशारा हो गया मैं वही करता रहूँगा जो कहेगा दिल मेरा सिर्फ़ इतनी बात पर सब सेे किनारा हो गया — Jitendra Tiwari