सोई यादों को भड़काना ठीक नहीं
बे-मतलब में बात बढ़ाना ठीक नहीं
इतनी मुश्किल से जो बातें सुलझीं हैं
वापस से उन को उलझाना ठीक नहीं
मुड़ कर देखे और तग़ाफ़ुल कर जाए
उस लड़की के पीछे जाना ठीक नहीं
दुनिया वाले शाइ'र-शाइ'र बोलेंगे
कंधे पर झोला लटकाना ठीक नहीं
कूचा-ए-जानाँ में काफ़ी पहरे हैं
कूचा-ए-जानाँ में जाना ठीक नहीं
हम तो झूँठ समझते थे लेकिन तुम ने
सच बोला था यार ज़माना ठीक नहीं
— Jitendra Tiwari















