ग़ालिब की बातें तुम ज़रा सी ही मगर दिल से सुनो
है ज़िंदगी को कैसे ग़ज़लों में उतारा ये सुनो
Read Fullहै ज़िंदगी को कैसे ग़ज़लों में उतारा ये सुनो
10
3 Likes
बात को दिल में दबाए रखता हूँ
ऐसे मैं ख़ुद को सताए रखता हूँ
ऐसे मैं ख़ुद को सताए रखता हूँ
सब्ज़ क्यूँ करते हो ज़ख़्मों को मेरे
जब उन्हें मैं ही छुपाए रखता हूँ
ज़िंदगी की कश्ती यूँ चलती है अब
राब्ता ग़म से बनाए रखता हूँ
क्या तुम्हें मालूम हैं ख़ुद को फ़क़त
उस के अबरू से बचाए रखता हूँ
कर ली है फूलों ने मुझ से दूरियाँ
चाँद को जबसे रिझाए रखता हूँ
9
4 Likes
डोल ये ईमान जाए हम नहीं हरगिज़
रहते हैं हम अपने वादों पे अटल यारों
रहते हैं हम अपने वादों पे अटल यारों
8
3 Likes
आप हर शय में रहे मौजूद साईं
दस दिशा आँखें रहे मौजूद साईं
दस दिशा आँखें रहे मौजूद साईं
दर्द भी आता नहीं अब पास उस के
जिस के हिस्से में रहे मौजूद साईं
7
3 Likes
ऐ ख़ुदा अब नींद आँखों को अता कर दे
थक गया हूँ 'अफ़्व मेरी सब ख़ता कर दे
Read Fullथक गया हूँ 'अफ़्व मेरी सब ख़ता कर दे
6
3 Likes
मुश्क आने मौत की मुझ को लगी
इश्क़ दुनिया करने ही मुझ को लगी
इश्क़ दुनिया करने ही मुझ को लगी
क्या कहूँ मैं ऐसी नादानी को अब
प्यार में फिर छलने भी मुझ को लगी
5
3 Likes
दिल दुखाती बात है उस की यक़ीनन
ख़ाक होना जात है उस की यक़ीनन
ख़ाक होना जात है उस की यक़ीनन
मौत आएगी यहाँ सबकी सुनो पर
इक यही तो मात है उस की यक़ीनन
यार तोड़ा है मिरा दिल हर किसी ने
देख ये सौग़ात है उस की यक़ीनन
छाया है अब्र-ए-सियह अब अश्कों का फिर
आँख से बरसात है उस की यक़ीनन
इक परिंदा क़ैद हो रक्खा था यारो
यार ये इंसात है उस की यक़ीनन
4
5 Likes
अमावस रात देखो पूनम सी दिखती
यक़ीनन वो जगी होगी मेरी ख़ातिर
यक़ीनन वो जगी होगी मेरी ख़ातिर
3
3 Likes
रूह का जैसे मिलन होता ख़ुदा से है यहाँ
वैसे बीमारी दुआ से ठीक होती हैं सभी
वैसे बीमारी दुआ से ठीक होती हैं सभी
2
4 Likes










