हम हैं दीवाने तेरे सो प्यास नहीं होंठो की
मुझ को बोसा देना हो तो पेशानी पर देना
मुझ को बोसा देना हो तो पेशानी पर देना
9
8 Likes
जब तलक था बाप ज़िंदा घर में भाई एक थे
उस के जाते ही ज़मीं पर सबके हिस्से आ गए
उस के जाते ही ज़मीं पर सबके हिस्से आ गए
8
6 Likes
7
3 Likes
गरजती है बरसती है मनाती है वही लड़की
परीशाँ जब भी होता हूँ हँसाती है वही लड़की
परीशाँ जब भी होता हूँ हँसाती है वही लड़की
शिकायत करती है वो भी मगर अंदाज़ ऐसा है
लिपटती है गले कस के लगाती है वही लड़की
जहाँ में जितनी ख़ूबी हैं मुझे सब उस
में दिखती हैं
न कोई और मुझ को सिर्फ़ भाती है वही लड़की
वो कितनी ख़ूब-सूरत है मैं सब को अब बताऊँगा
हुआ है ये मेरे सपनों में आती है वही लड़की
हँसी में जब भी कहता हूँ मैं तुम को भूल जाऊँगा
रो-रोकर यार तब ग़ुस्सा दिखाती है वही लड़की
न जाने क्या क्या कहती है मेरे बीमार होने पर
मुझे सच में बहुत बातें सुनाती है वही लड़की
6
14 Likes
मैं बुरा हूँ और हूँ मजबूऱ आदत के लिए
दूर रहिए आप भी अपनी शराफत के लिए
दूर रहिए आप भी अपनी शराफत के लिए
है अगर मुझ से गिला तो आज़मा के देख ले
तू कहे तो जान हाज़िर है मुहब्बत के लिए
तेरे आगे ख़ूब-सूरत चाँद भी फीका पड़े
और क्या तारीफ़ तेरी यार सूरत के लिए
आदतों से यार गर तासीर मिलती है यहाँ
ख़ुद को भी बर्बाद कर लूँ मैं भी आदत के लिए
मर के ही तो आदमी बनता बड़ा है आज , सो
हम भी देखो मर रहे हैं थोड़ी इज़्ज़त के लिए
बे-वफ़ा हैं, आप फिर भी दिल लगाया आपसे
मिल रही है इस लिए भी दाद हिम्मत के लिए
घर में कुछ भी बोल कर चल जाएगा तो काम पर
भीड़ में क्या बोलना है सीख गैरत के लिए
ये शिकायत मुझ को है क्यूँ दोहरापन है यहाँ
इस जहाँ में क़ायदे क्यूँ सिर्फ़ औरत के लिए
5
13 Likes
अकेला ही चला था मैं अकेले ही सफ़र में हूँ
मगर मैं कार - आमद हूँ दुआ में हूँ असर में हूँ
मगर मैं कार - आमद हूँ दुआ में हूँ असर में हूँ
ख़ता हो कोई मुझ से और लोगों को मिले मौक़ा'
संभल कर पैर रखता हूँ ज़माने की नज़र में हूँ
ज़हर के हूबहू बातें निकलने का यही कारन
ज़हर ही मुझ
में है या तो रगो - पै मैं ज़हर में हूँ
तू आली है तू ने ही रंक को राजा बनाया है
ख़ुदा तू मेरी सुन ले मैं हमेशा से सिफ़र में हूँ
कभी सोंचो कि मैं हर बात पर हर बार क्यूँ राजी
मेरी उल्फ़त तुझे खोने से डरता हूँ तो डर में हूँ
जो अच्छे दिल के हैं यारों वही गुमनाम रहते हैं
मैं झूठा हूँ फ़रेबी हूँ मगर जानाँ ख़बर में हूँ
मेरा तो ख़ूब मन करता कि उस के घर को जाऊँ मैं
मगर वो ये नहीं कहता चले आओ मैं घर में हूँ
4
3 Likes
माँ-बाप, बहन-भाई, सब दोस्त, मुहब्बत तुम
सपनों के लिए रिश्ते कुर्बान नहीं करना
सपनों के लिए रिश्ते कुर्बान नहीं करना
3
12 Likes










