बज़्म-ए-हसीं में यार मैं चेहरा उदास हूँ
कुछ हूँ भी और कुछ तो मैं बनता उदास हूँ
जो पूछते हैं आप तआरुफ़ है क्या मेरा
सुन लीजिये जवाब मैं लड़का उदास हूँ
हँसता अगर ज़मी पे उतरता मैं ख़ुल्दस
इंसान हूँ सो इसलिए रहता उदास हूँ
लड़की जो मेरी जान थी उस सेे बिछड़ के यार
मैं हँस रहा हूँ सोचिये कितना उदास हूँ
शायद कभी वो मुझ सेे कहे क्यूँँ उदास हो ?
इस आरज़ू में यार मैं बैठा उदास हूँ
अब तो मिरी उदासी की दी जा रही मिसाल
क्या वाकई ये सच है ज़ियादा उदास हूँ
यानी मेरी भी ज़ीस्त में कोई है ज़ाहिदा
यानी तो मैं भी जौन के जैसा उदास हूँ
Read Full