Vikas Sangam

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    अब न हैं हमको बहाने आँसू
    होते हैं दिल के ख़ज़ाने आँसू
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    क्या अब भी ज़िंदा हूँ मैं?
    जब हाथों से मेरे सागर छूटा
    पल भर में कोई सपना टूटा
    मैं बिखरा हूँ वहीं आकर,
    जहाँ से था ये अंकूर फूटा
    मेरी मंज़िल की कोई राह नहीं
    अब दूसरी कोई चाह नहीं
    ख़्वाब आँखों के पीले हो गये
    रेत के बंजर टीले हो गये
    इतने ज़हर भरे हैं मुझमें
    ज़ख्म सभी नीले हो गये
    क्या अब भी जिंदा हूँ मैं?
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    "मेरी मोहब्बत "
    तुम्हें पाने की जिद्द मुझे न तुम्हारी आदत है
    ये मेरा तरीका है ये मेरी मोहब्बत है
    शौक से जुदा हो जाना जब तुम्हारा जी चाहे
    गर मर्ज़ी हो तुम्हारी तो मेरी इजाजत है

    हाँ, झूठ है जो मैंने कहा है अभी अभी
    हाँ, झूठ है जो तुमने सुना है अभी अभी
    तुम्हें पाने को दिल बागी है मेरा भी
    मगर किससे करूँ जो दिल में बगावत है
    शौक से जुदा हो जाना जब तुम्हारा जी चाहे
    गर मर्ज़ी हो तुम्हारी तो मेरी इज़ाज़त है
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    "जन्मदिन मुबारक"
    दिन ये सोने से, रातें ये रंगीन मुबारक
    ऐ मेरी साँसों की रवानी
    तुझको तेरा जन्मदिन मुबारक

    भवरें मुस्काएँ, फूलों की डाली-डाली हँसें
    जब तू मुस्काए, तेरे होंठों की लाली हँसें
    मेरा कत़्ल करे, तेरे नैन कजरारे काले
    मजरूह हुए ना जाने कितने मतवाले
    तुझको ये बहारें शौकीन मुबारक
    ऐ मेरी तसव्वुर की रानी
    तुझको तेरा जन्मदिन मुबारक
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    "तुम बिन"
    तुम बिन जिया न जाए, जिया न जाए तुम बिन
    कैसे कटे ये रातें, कैसे कटे ये दिन
    कटती है जैसे उम्र अब साँसें गिन - गिन
    तुम बिन जिया न जाए, जिया न जाए तुम बिन

    होकर जुदा अब तुझसे मैं जी ना सकूँगा
    ज़हर दर्द-ए-जुदाई मैं पी ना सकूँगा
    तुम बिन गुजारा अब हो गया ना-मुमकिन
    तुम बिन जिया न जाए, जिया न जाए तुम बिन
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    माया-ओ-भरम के सिवा कुछ न था
    इश्क़, सितम के सिवा कुछ न था
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    फ्रेंडशिप डे के बहाने याद आये
    मुझे कुछ दोस्त पुराने याद आये
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    वो रोए देख आसमाँ की तरफ़
    और कहे देखता हूँ माँ की तरफ़
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    "इंसान"
    मैं हिंदू, तू मुसलमान है
    अब अपनी यही पहचान है?

    'गीता' मेरे हिस्से में आयी
    तेरे हिस्से में 'कुरान' है
    अब अपनी यही पहचान है?

    अल्लाह तेरा हाफ़िज़ है
    मेरा रक्षक भगवान है
    अब अपनी यही पहचान है?

    तेरा मुल्क पाकिस्तान
    मेरा देश हिंदुस्तान है
    अब अपनी यही पहचान है?

    तेरा मुल्क जिंदाबाद
    मेरा भारत महान है
    अब अपनी यही पहचान है?


    हिंदू, मुसलमान से पहले
    हम सिर्फ एक इंसान हैं
    आओ मिल कर कहें, कि
    अब हमारी एक ही पहचान है
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    किससे बयाँ अपने हालात करूँ
    आप नहीं मैं किससे बात करूँ
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