Vikas Sangam

Top 10 of Vikas Sangam

    अब न हैं हम को बहाने आँसू
    होते हैं दिल के ख़ज़ाने आँसू
    Vikas Sangam
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    क्या अब भी ज़िंदा हूँ मैं?
    जब हाथों से मेरे सागर छूटा
    पल भर में कोई सपना टूटा
    मैं बिखरा हूँ वहीं आ कर,
    जहाँ से था ये अंकूर फूटा
    मेरी मंज़िल की कोई राह नहीं
    अब दूसरी कोई चाह नहीं
    ख़्वाब आँखों के पीले हो गए
    रेत के बंजर टीले हो गए
    इतने ज़हर भरे हैं मुझ
    में
    ज़ख़्म सभी नीले हो गए
    क्या अब भी ज़िंदा हूँ मैं?
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    Vikas Sangam
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    "मेरी मोहब्बत "
    तुम्हें पाने की जिद्द मुझे न तुम्हारी आदत है
    ये मेरा तरीका है ये मेरी मोहब्बत है
    शौक से जुदा हो जाना जब तुम्हारा जी चाहे
    गर मर्ज़ी हो तुम्हारी तो मेरी इजाज़त है

    हाँ, झूठ है जो मैं ने कहा है अभी अभी
    हाँ, झूठ है जो तुम ने सुना है अभी अभी
    तुम्हें पाने को दिल बागी है मेरा भी
    मगर किस से करूँ जो दिल में बग़ावत है
    शौक से जुदा हो जाना जब तुम्हारा जी चाहे
    गर मर्ज़ी हो तुम्हारी तो मेरी इज़ाज़त है
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    Vikas Sangam
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    "जन्मदिन मुबारक"
    दिन ये सोने से, रातें ये रंगीन मुबारक
    ऐ मेरी साँसों की रवानी
    तुझ को तेरा जन्मदिन मुबारक

    भवरें मुस्काएँ, फूलों की डाली-डाली हँसें
    जब तू मुस्काए, तेरे होंठों की लाली हँसें
    मेरा कत़्ल करे, तेरे नैन कजरारे काले
    मजरूह हुए ना जाने कितने मतवाले
    तुझ को ये बहारें शौकीन मुबारक
    ऐ मेरी तसव्वुर की रानी
    तुझ को तेरा जन्मदिन मुबारक
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    "तुम बिन"
    तुम बिन जिया न जाए, जिया न जाए तुम बिन
    कैसे कटे ये रातें, कैसे कटे ये दिन
    कटती है जैसे उम्र अब साँसें गिन - गिन
    तुम बिन जिया न जाए, जिया न जाए तुम बिन

    होकर जुदा अब तुझ से मैं जी ना सकूँगा
    ज़हर दर्द-ए-जुदाई मैं पी ना सकूँगा
    तुम बिन गुजारा अब हो गया ना-मुमकिन
    तुम बिन जिया न जाए, जिया न जाए तुम बिन
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    Vikas Sangam
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    माया-ओ-भरम के सिवा कुछ न था
    इश्क़, सितम के सिवा कुछ न था
    Vikas Sangam
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    "इंसान"
    मैं हिंदू, तू मुसलमान है
    अब अपनी यही पहचान है?

    'गीता' मेरे हिस्से में आई
    तेरे हिस्से में 'कुरान' है
    अब अपनी यही पहचान है?

    अल्लाह तेरा हाफ़िज़ है
    मेरा रक्षक भगवान है
    अब अपनी यही पहचान है?

    तेरा मुल्क पाकिस्तान
    मेरा देश हिंदुस्तान है
    अब अपनी यही पहचान है?

    तेरा मुल्क जिंदाबाद
    मेरा भारत महान है
    अब अपनी यही पहचान है?


    हिंदू, मुसलमान से पहले
    हम सिर्फ़ एक इंसान हैं
    आओ मिल कर कहें, कि
    अब हमारी एक ही पहचान है
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