insaan | "इंसान"

  - Vikas Sangam

"इंसान"

मैं हिंदू, तू मुसलमान है
अब अपनी यही पहचान है?

'गीता' मेरे हिस्से में आई
तेरे हिस्से में 'कुरान' है
अब अपनी यही पहचान है?

अल्लाह तेरा हाफ़िज़ है
मेरा रक्षक भगवान है
अब अपनी यही पहचान है?

तेरा मुल्क पाकिस्तान
मेरा देश हिंदुस्तान है
अब अपनी यही पहचान है?

तेरा मुल्क जिंदाबाद
मेरा भारत महान है
अब अपनी यही पहचान है?


हिंदू, मुसलमान से पहले
हम सिर्फ़ एक इंसान हैं
आओ मिल कर कहें, कि
अब हमारी एक ही पहचान है

  - Vikas Sangam

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