Vishnu Dope

Vishnu Dope

@abhilashmishr007

Vishnu Dope shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Vishnu Dope's shayari and don't forget to save your favorite ones.

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Sher

बड़ी पेश-बीनी से मैं शहर आ के भला खिड़की से खिड़कियाँ देखता हूँ — Vishnu Dope
क़सम खाना वफ़ादारी जताने का सलीक़ा है भरोसा हो न हो आराम थोड़ा हो ही जाता है — Vishnu Dope
इतना ही याद रहता है बस बारहा भूल जाता हूँ मैं — Vishnu Dope

Ghazal

टूट के फिर बिखर गया हूँ मैं अपनों पे ही बिफर गया हूँ मैं पास थे जिन के दूर से भी हम दूर हैं जब से घर गया हूँ मैं घर चलाते चलाते फिर इक दिन घर को अपने निघर गया हूँ मैं ज़िंदगी बोझ ही रही मुझ पे देखो ना दब के मर गया हूँ मैं इक बली तो चढ़ानी ही थी मुझे अपनी ज़ुल्फ़ें कतर गया हूँ मैं जुर्म ही तो रहा मिरे सर पे जबकि अपने ही सर गया हूँ मैं दाग़ ही तो लगाया है ख़ुद पे दाग़ से ही सँवर गया हूँ मैं मैं ने देखा कि लोग सुनते भी है बज़्म से भर-नज़र गया हूँ मैं मैं लिखूँ आज दायरे में क्यूँँ जबकि कब का पसर गया हूँ मैं मैं ही तो हद हूँ मेरी राहों का आज ख़ुद से गुज़र गया हूँ मैं — Vishnu Dope

Nazm