Ashu Mishra

Top 10 of Ashu Mishra

    जो पर्दादारी चली तो यारी नहीं चलेगी
    हमारी दुनिया में दुनियादारी नहीं चलेगी

    तुम्हारे जाने पे दिल का दफ़्तर समेट लेंगे
    फिर इस सड़क पर कोई सवारी नहीं चलेगी

    परिंदे भी बे-घरी से पहले ये सोचते थे
    कि सब्ज़ पेड़ों पे कोई आरी नहीं चलेगी

    हम अपनी मर्ज़ी से उसके दिल में रहा करेंगे
    हमारे घर में भी क्या हमारी नहीं चलेगी

    तुम्हारी चीखों से वो दरीचा नहीं खुलेगा
    बड़ी दुकानों पे रेज़गारी नहीं चलेगी

    हुज़ूर-ए-वाला ये आशू मिश्रा का दिल है इसपर
    हसीन चेहरों की होशियारी नहीं चलेगी
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    Ashu Mishra
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    ग़म में हम सूरत-ए-गमख़ार नहीं पढ़ते हैं
    इसलिए मीर के अश'आर नहीं पढ़ते हैं

    मेरी आँखें तेरी तस्वीर से जा लगती हैं
    सुब्ह उठकर सभी अख़बार नहीं पढ़ते हैं
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    Ashu Mishra
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    साथ में तू मेरे दो गाम तो चल सकता है
    इतना चलने से मेरा काम तो चल सकता है

    तेरे दिल में किसी शायर की जगह तो होगी
    इस इलाके में मेरा नाम तो चल सकता है
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    Ashu Mishra
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    जहाँ से आ गए हैं उस जहाँ की याद आती है
    कि हम उर्यां-सरों को साएबाँ की याद आती है

    जहान-ए-महफ़िल-ए-शब में सभी आँखें भिगोतें हैं
    सभी को अपने अपने रफ़्तगाँ की याद आती है

    वहाँ जब तक रहे तब तक यहाँ की फ़िक्र रहती थी
    यहाँ जब आ गए हैं तो वहाँ की याद आती है

    ये शहर-ए-अजनबी में अब किसे जा कर बताएँ हम
    कहाँ के रहने वाले हैं कहाँ की याद आती है
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    Ashu Mishra
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    कुछ ख़ास तो बदला नहीं जाने से तुम्हारे
    बस राब्ता कम हो गया फूलों की दुकाँ से
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    तुम्हारा दिल यहाँ पर खो गया तो कैसी हैरत है
    बरेली में तो झुमके तक निकल जाते हैं कानों से
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    ये शहर-ए-अजनबी में अब किसे जा कर बताएँ हम
    कहाँ के रहने वाले हैं कहाँ की याद आती है
    Ashu Mishra
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    पुरानी चाहत के ज़ख़्म अब तक भरे नहीं हैं
    और एक लड़की पड़ी है पीछे बड़े जतन से
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    मैं इश्क़ कर रहा हूँ मगर सोचता भी हूँ
    पिछले बरस जो हो चुका अबके बरस न हो
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    उदासी का सबब दो चार ग़म होते तो कह देता
    फ़ुलाँ को भूल बैठा हूँ फ़ुलाँ की याद आती है
    Ashu Mishra
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