jo pardadaari chali to yaari nahin chalegi | जो पर्दादारी चली तो यारी नहीं चलेगी

  - Ashu Mishra

जो पर्दादारी चली तो यारी नहीं चलेगी
हमारी दुनिया में दुनियादारी नहीं चलेगी

तुम्हारे जाने पे दिल का दफ़्तर समेट लेंगे
फिर इस सड़क पर कोई सवारी नहीं चलेगी

परिंदे भी बे-घरी से पहले ये सोचते थे
कि सब्ज़ पेड़ों पे कोई आरी नहीं चलेगी

हम अपनी मर्ज़ी से उसके दिल में रहा करेंगे
हमारे घर में भी क्या हमारी नहीं चलेगी

तुम्हारी चीखों से वो दरीचा नहीं खुलेगा
बड़ी दुकानों पे रेज़गारी नहीं चलेगी

हुज़ूर-ए-वाला ये आशू मिश्रा का दिल है इसपर
हसीन चेहरों की होशियारी नहीं चलेगी

  - Ashu Mishra

Ghar Shayari

Our suggestion based on your choice

More by Ashu Mishra

As you were reading Shayari by Ashu Mishra

Similar Writers

our suggestion based on Ashu Mishra

Similar Moods

As you were reading Ghar Shayari Shayari