Irshad 'Arsh'

Irshad 'Arsh'

@irshads141

Irshad 'Arsh' shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Irshad 'Arsh''s shayari and don't forget to save your favorite ones.

Followers

7

Content

38

Likes

336

Shayari
Audios
  • Sher(35)
  • Ghazal(3)

Sher

कुछ न करने के सौ बहाने हैं करना चाहो तो क्या नहीं होता — Irshad 'Arsh'
ज़ख़्म को मत निचोड़ जाने दे तू न समझेगा छोड़ जाने दे — Irshad 'Arsh'
इतने शिकवे हैं ज़िंदगी से मुझे फिर भी नफ़रत है ख़ुद-कुशी से मुझे — Irshad 'Arsh'
जिसे देखो यहाँ दुख दर्द के क़िस्से सुनाता है मियाँ क़ैद-ए-मशक़्क़त है कोई जन्नत नहीं है ये — Irshad 'Arsh'
किस के चेहरे पर हैं कितने दाग़ सब बतलाऊँगा आइना हूँ मैं किसी के बाप से डरता नहीं — Irshad 'Arsh'
हमारे गाँव में अब भी ये रस्म क़ायम है बड़ों के हाथ में बच्चे कमाई देते हैं — Irshad 'Arsh'
किसी का आइना हो कर के देखो मियाँ सच बोलना आसाँ नहीं है — Irshad 'Arsh'
जो बीज बोए गए थे पहले अब उन सेे पौदे निकल रहे हैं — Irshad 'Arsh'
देखो बारिश का मौसम है देर से आना हो सकता है — Irshad 'Arsh'
ज़िंदगी पुर-सुकून लगती है हर घड़ी तुझ को याद करने से — Irshad 'Arsh'
छोड़ कर हम सुकून-ए-दिल अपना चल पड़े फिर से शोर की जानिब — Irshad 'Arsh'
ज़िंदगी और कुछ नहीं मुझ को साथ चलने का हौसला तो दे — Irshad 'Arsh'
भला है के तू ही मय्यसर है मुझ को तेरा जो न होता किसी का न होता — Irshad 'Arsh'
शायद कि इस लिए भी सुख़न-वर हुआ हूँ मैं मेरी कभी बनी ही नहीं ज़िंदगी के साथ — Irshad 'Arsh'
ज़रा मुश्किल हो तो एहसास होता है हमें वरना कहाँ आसानियों में ज़िंदगी मालूम होती है — Irshad 'Arsh'
बला कि आफ़तें सिर पे उठा के चलते हैं हम अपना हौसला ख़ुद ही बढ़ा के चलते हैं — Irshad 'Arsh'
तुम्हारे पास हो भी सकते हैं थोड़े बहुत लेकिन हमारे पास जैसे ग़म हैं वैसे ग़म नहीं होंगे — Irshad 'Arsh'
खुशबुएँ लूटने वाला भी वही ठहरा है जो कि मामूर था गुलशन की हिफ़ाज़त के लिए — Irshad 'Arsh'

Ghazal