हिन्दी
0
हिन्दी
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Leaderboard
Login
0
Home
Explore
Submit
Library
Profile
Top 10 of
Liaqat Jafri
GHAZAL
ये जो रह रह के सर-ए-दश्त हवा चलती है
कितनी अच्छी है मगर कितना बुरा चलती है
Liaqat Jafri
10
GHAZAL
उसी के दम पे तो ये दोस्ती बची हुई थी
हमारे बीच में जो हम-सरी बची हुई थी
Liaqat Jafri
9
GHAZAL
सर पे सजने को जो तय्यार है मेरे अंदर
गर्द-आलूद सी दस्तार है मेरे अंदर
Liaqat Jafri
8
GHAZAL
मुस्लिम हूँ पर ख़ुद पे क़ाबू रहता है
मेरे अंदर भी इक हिन्दू रहता है
Liaqat Jafri
7
GHAZAL
अजीब लोग थे वो तितलियाँ बनाते थे
समुंदरों के लिए सीपियाँ बनाते थे
Liaqat Jafri
6
SHER
मैं कुछ दिन से अचानक फिर अकेला पड़ गया हूँ
नए मौसम में इक वहशत पुरानी काटती है
Liaqat Jafri
5
SHER
मैं बहुत जल्द लौट आऊँगा
तुम मिरा इंतिज़ार मत करना
Liaqat Jafri
4
SHER
इश्क़ तू ने बड़ा नुक़सान किया है मेरा
मैं तो उस शख़्स से नफ़रत भी नहीं कर सकता
Liaqat Jafri
3
SHER
मैं दौड़ दौड़ के ख़ुद को पकड़ के लाता हूँ
तुम्हारे इश्क़ ने बच्चा बना दिया है मुझे
Liaqat Jafri
2
GHAZAL
कितना दुश्वार है जज़्बों की तिजारत करना
एक ही शख़्स से दो बार मोहब्बत करना
Liaqat Jafri
1
Anand Raj Singh
Yasmeen Hameed
Khumar Barabankvi
Fakhira batool
Akhtar Saeed Khan
Abbas Tabish
Ahmad Nadeem Qasmi
Altaf Mashhadi
Khalil Ur Rehman Qamar
Ameeq Hanafi