इल्म जब होगा किधर जाना है 
    हाय तब तक तो गुज़र जाना है 
    Madan Mohan Danish
    60 Likes
    है दुख तो कह दो किसी पेड़ से परिंदे से
    अब आदमी का भरोसा नहीं है प्यारे कोई
    Madan Mohan Danish
    75 Likes
    पत्थर पहले ख़ुद को पत्थर करता है
    उसके बाद ही कुछ कारीगर करता है

    एक ज़रा सी कश्ती ने ललकारा है
    अब देखें क्या ढोंग समंदर करता है

    कान लगा कर मौसम की बातें सुनिए
    क़ुदरत का सब हाल उजागर करता है

    उसकी बातों में रस कैसे पैदा हो
    बात बहुत ही सोच-समझकर करता है

    जिसको देखो 'दानिश' का दीवाना है
    क्या वो कोई जादू-मंतर करता है
    Read Full
    Madan Mohan Danish
    27 Likes
    हमें पता है कि मसरूफ़ हो बहुत फिर भी
    हमारी दस्तकें सुनते रहो ज़मीर हैं हम
    Madan Mohan Danish
    32 Likes
    ये कहाँ की रीत है जागे कोई सोए कोई
    रात सब की है तो सब को नींद आनी चाहिए
    Madan Mohan Danish
    72 Likes
    हम अपने दुख को गाने लग गए हैं
    मगर इस में ज़माने लग गए हैं

    किसी की तर्बियत का है करिश्मा
    ये आँसू मुस्कुराने लग गए हैं

    कहानी रुख़ बदलना चाहती है
    नए किरदार आने लग गए हैं

    ये हासिल है मिरी ख़ामोशियों का
    कि पत्थर आज़माने लग गए हैं

    ये मुमकिन है किसी दिन तुम भी आओ
    परिंदे आने जाने लग गए हैं

    जिन्हें हम मंज़िलों तक ले के आए
    वही रस्ता बताने लग गए हैं

    शराफ़त रंग दिखलाती है 'दानिश'
    कई दुश्मन ठिकाने लग गए हैं
    Read Full
    Madan Mohan Danish
    27 Likes
    दर्द सीने में छुपाए रक्खा
    हमने माहौल बनाए रक्खा

    मौत आई थी कई दिन पहले
    उसको बातों में लगाए रक्खा

    दश्त में आई बला टलने तक
    शोर चिड़ियों ने मचाए रक्खा

    वरना तारों को शिकायत होती
    हमने हर ज़ख़्म छुपाए रक्खा

    काम दुश्वार था फिर भी दानिश
    ख़ुद को आसान बनाए रक्खा
    Read Full
    Madan Mohan Danish
    31 Likes
    बीच भँवर से कश्ती कैसे बच निकली
    बहुत दिनों तक दरिया भी हैरान रहा
    Madan Mohan Danish
    43 Likes
    अब लगता है ठीक कहा था 'ग़ालिब' ने
    बढ़ते बढ़ते दर्द दवा हो जाता है
    Madan Mohan Danish
    128 Likes
    इश्क़ कहता है भटकते रहिए
    और तुम कहते हो घर जाना है
    Madan Mohan Danish
    47 Likes

Top 10 of Similar Writers