Qamar Jalalabadi

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@qamar-jalalabadi

Qamar Jalalabadi shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Qamar Jalalabadi's shayari and don't forget to save your favorite ones.

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Sher

मैं ने रक्खा है हमेशा ही तबस्सुम लब पर रो दिया क्यूँँ मिरे हालात समझने वाला — Qamar Jalalabadi
चाहा तुझे तो ख़ुद से मोहब्बत सी हो गई खोने के बा'द मिल गई अपनी ख़बर मुझे — Qamar Jalalabadi

Ghazal

कर लूँगा जम्अ' दौलत-ओ-ज़र उस के बा'द क्या ले लूँगा शानदार सा घर उस के बा'द क्या मय की तलब जो होगी तो बन जाऊँगा मैं रिन्द कर लूँगा मय-कदों का सफ़र उस के बा'द क्या होगा जो शौक़ हुस्न से राज़-ओ-नियाज़ का कर लूँगा गेसुओं में सहर उस के बा'द क्या शे'र-ओ-सुख़न की ख़ूब सजाऊँगा महफ़िलें दुनिया में होगा नाम मगर उस के बा'द क्या मौज आएगी तो सारे जहाँ की करूँँगा सैर वापस वही पुराना नगर उस के बा'द क्या इक रोज़ मौत ज़ीस्त का दर खट-खटाएगी बुझ जाएगा चराग़-ए-क़मर उस के बा'द क्या उट्ठी थी ख़ाक ख़ाक से मिल जाएगी वहीं फिर उस के बा'द किस को ख़बर उस के बा'द क्या — Qamar Jalalabadi
तेरे ख़्वाबों में मोहब्बत की दुहाई दूँगा जब कोई और न होगा तो दिखाई दूँगा मेरी दुनिया में फ़क़त एक ख़ुदा काफ़ी है दोस्तो कितने ख़ुदाओं को ख़ुदाई दूँगा दिल को मैं क़ैद-ए-क़फ़स से तो बचा ले आया कब उसे क़ैद-ए-नशेमन से रिहाई दूँगा कोई इंसाँ नज़र आए तो बुलाओ उस को उसे इस दौर में जीने पे बधाई दूँगा देख लूँ अपने गरेबाँ ही में मुँह डाल के मैं अपने हालात की किस किस की बुराई दूँगा तुम अगर छोड़ गए मुझ को तो यूँँ तड़पूँगा सारी दुनिया को ग़म-ओ-दर्द-ए-जुदाई दूँगा तेरी ही रूह का नग़्मा हूँ अगर मिट भी गया मैं तुझे दूसरी दुनिया से सुनाई दूँगा — Qamar Jalalabadi