Raghav Ramkaran

Raghav Ramkaran

@raghav-ramkaran

Raghav Ramkaran shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Raghav Ramkaran's shayari and don't forget to save your favorite ones.

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Sher

इक शख़्स की हर एक निशानी समेटकर हम सो गए थे आँख में पानी समेटकर — Raghav Ramkaran
बेचैनियों का अपनी सबब जान लीजिए डर क्यूँ रही हो? दिल का कहा मान लीजिए — Raghav Ramkaran

Ghazal

Nazm

मेरी जाँ भूलना भी इक हुनर की बात हो जैसे मैं तुझ सेे प्यार का इज़हार करना भूल जाता हूँ तुझे लगता है मैं तेरे लिए इक फूल ना लाया बड़ा कमज़र्फ आशिक़ है, कभी ये बोल ना पाया मेरी जाँ ये तुम्हारे हक़ में है,तुम सोच सकती हो मेरी आँखों में आँखें डालकर तुम बोल सकती हो मैं शाइ'र हूँ, मुझे तो और भी हैं काम दुनिया में फ़क़त तेरी मुहब्बत को कहाँ तक याद रक्खूँगा इन आँखों में कहाँ तक बस तुम्हारे ख़्वाब रक्खूँगा मेरी आँखों के आगे और भी चेहरे उतरते हैं मैं आँखें बंद भी कर लूँ तो ये चेहरे उभरते हैं ग़रीबी, मौत के साए, लहू में पल रहे बच्चे हवस की आग में लाखों-करोड़ों जल रहे बच्चे जवानी जूझती है हर तरफ़ रोटी के फाकों में बुढापा देखता है मौत अपनी रोज़ रातों में मेरी जाँ ये भी मेरे हैं, इन्हें भी प्यार करता हूँ सो मैं कैसे कहूँ कि बस तुझे ही प्यार करता हूँ मेरी जाँ भूलना भी इक हुनर की बात हो जैसे मैं तुझ सेे प्यार का इज़हार करना भूल जाता हूँ — Raghav Ramkaran