मैं ने उस की बात वहाँ तक मानी है
मेरी आँख में यार जहाँ तक पानी है
मेरे अंदर जो एक लड़का रहता है
वो लड़का तो मुझ से ज़्यादा ज्ञानी है
सारे रस्ते उस के घर ही जाते हैं
उस तक जाने में कितनी आसानी है
उस को माँगा, चाहा, पूजा है हर-पल
बस इतनी सी बात उसे समझानी है
पहली बार मुहब्बत की तो ये जाना
पागल होने में कितनी आसानी है
— Raghav Ramkaran















