बर्बादी की राह बताने वाले हैंये जो सारे लोग ज़माने वाले हैंहम पर क्या इल्ज़ाम लगाओगे लोगोंहम तो गंगा रोज़ नहाने वाले हैंदिल के तार बजाना हम से सीखोगी?हम चेले उस्ताद घराने वाले हैंसुनने वालों क़लम उठाओ लिख डालोअब हम अपना हाल सुनाने वाले हैं— Raghav Ramkaran