Richa Choudhary Sahar

Richa Choudhary Sahar

@richa_sahar

Richa Choudhary Sahar shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Richa Choudhary Sahar's shayari and don't forget to save your favorite ones.

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Sher

Ghazal

मुहब्बत से महकता ये नज़ारा ख़ूब-सूरत है तुम्हें पाकर ये लगता है ज़माना ख़ूब-सूरत है फ़लक के चाँद को जा कर बता आओ जहाँ वालों मेरा महबूब उस सेे भी ज़ियादा ख़ूब-सूरत है तुम्हारी चिट्ठियाँ जिस को सदा पढ़कर सुनाता था मेरे आँगन का वो पीपल पुराना ख़ूब-सूरत है कभी इज़हार पर मेरे झुका ली थी नज़र तुम ने कि कच्ची उम्र का पहला इशारा ख़ूब-सूरत है मुहब्बत में मुहब्बत से किए वादे हैं अच्छे पर ज़ियादा तो निभाने का इरादा ख़ूब-सूरत है सनम इक घर बनाया था कभी जो रेत से तुम ने उसी से ही समुंदर का किनारा ख़ूब-सूरत है किसी दुल्हन बनी लड़की के रानी हार के जैसे "सहर" तेरे गले की फूलमाला ख़ूब-सूरत है — Richa Choudhary Sahar
जानवरों से ले कर रंगों तक पर झगड़े होते हैं लोगों की आँखों पर मज़हब के क्यूँ चश्में होते हैं शीशा चढ़ा लिया गाड़ी का आते देख भिखारी को बड़े बड़े लोगों के दिल भी कितने छोटे होते हैं सब सेे पहले मैं उस को माँ बाबास मिलवाऊँगा उस को लगता है के सारे लड़के झूठे होते हैं शहरों में बिजली की मोटी तारें हर सू झूल रहीं और गाँवों में अब भी सावन वाले झूले होते हैं कहता है के इक दिन मैं भी रोटी खाकर सोऊँगा इक मुफ़लिस बच्चे के सपने कितने महँगे होते हैं बचपन से ही हम ने माँ को सब कुछ सहते देखा है जैसी माँ होती है वैसे ही तो बच्चे होते हैं — Richa Choudhary Sahar