Rohit ydv

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@rohitydv0219

Rohit ydv shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Rohit ydv's shayari and don't forget to save your favorite ones.

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  • Sher
  • Nazm

Sher

आँखों में देखो तो बस एक बार आँखों में मेरी तुम ही हो जान — Rohit ydv
हमें हथियार मत दो अब क़लम से काम करना है — Rohit ydv
मैं तुम को दुल्हन न बना लूँ तो कहना तुम मेरी राधा बनकर जाँ तो देखो — Rohit ydv
जिस को देखो रोहित का दीवाना है क्या वो कोई जादू मंतर करता है — Rohit ydv
तुम मेरे पास जब नहीं होते मैं तुम्हें देखता ही रहता हूँ — Rohit ydv
जब भी तुम को हमें देखना हो ख़ुद को आईने में देख लेना — Rohit ydv
जिस चेहरे को हम देखते थे उस चेहरे को अब सोचते हैं — Rohit ydv
मेरे बाल सॅंभाला करती थी ऐसे प्रेम दिखाया करती थी — Rohit ydv
बस यूँँ ही मेरा हाथ रखने दे मेरी जान आज हाथ पर अपने — Rohit ydv
जी करता है चूम लूँ उस के माथे को इतनी इतनी इतनी प्यारी लगती है — Rohit ydv
तुम्हारी याद में तारों को गिनता हूँ मुझे दिन भर तुम्हारे ख़्वाब आते हैं — Rohit ydv
तुम मेरे सपनों की रानी तुम मेरे सपनों में आओ — Rohit ydv

Nazm

"काश" काश तुम को बता पाता तुम्हें कितना प्यार करता हूँ कितना सोचता हूँ कितना चाहता हूँ काश तुम्हें मैसेज कर सकता कॉल कर सकता तुम्हें मना पाता तुम्हारे पास आ पाता काश तुम्हें पास बुला के समझा पाता डाँट कर तुम्हें गले लगा पाता तुम्हारी ज़ुल्फ़ें सँभाल पाता तुम्हारे होंठों को चूम पाता काश बता पाता कितना प्यार करता हूँ कितना डरता हूँ तुम्हें खोने से कितना परेशान करती हो तुम कितना लड़ती हो तुम कितना सताती हैं तुम्हारी यादें काश बता पता कितनी ख़ूब-सूरत हो तुम तुम्हारे गाल पर वो तिल तुम्हारे गर्दन का वो तिल तुम्हारे काले बाल तुम्हारी काली आँखें तुम्हारी लंबी ज़ुल्फ़ें काश तुम्हें बता पता कितना प्यार करता हूँ तुम्हें — Rohit ydv
"ज़िंदगी उस के साथ" हम उस के साथ जीना चाहते हैं हमें उस के साथ ज़िंदगी जीना है हम उस के साथ रहना चाहते हैं हमें उस की यादों में जीना है हम उस के साथ खोना चाहते हैं हमें उस के ख़्वाबों में खोना है हम उस के साथ बैठना चाहते हैं हमें उस की आँखों में डूबना है हम उस के साथ खेलना चाहते हैं हमें उस की ज़ुल्फ़ों से खेलना है हम उस के बालों को चेहरे से हटाना चाहते हैं हमें उस के गर्दन के तिल को देखना है हम उस के साथ मुस्कुराना चाहते हैं हमें उस का चेहरा देख कर मुस्कुराना है हम उस के साथ शादी करना चाहते हैं हमें उस को अपनी दुल्हन बनाना है हम उस के साथ खाना बनाना चाहते हैं हमें उस के हाथों से बना खाना है हम उस के साथ खाना चाहते हैं हमें उस के नाज़ुक हाथों से खाना है हम उस के साथ शा में बिताना चाहते हैं हमें उस के साथ चाँद को देखना है हम उस के साथ चलना चाहते हैं हमें उस का हाथ पकड़ कर चलना है हम उस के होंठों को चूम कर जाना चाहते हैं हमें उस के हाथों से मीठा खाके जाना है हम उस के साथ सोना चाहते हैं हमें उस की बाँहों में सोना है हम उस के साथ उठना चाहते हैं हमें उस का चेहरे देख कर उठना है हम उस के साथ चाय पीना चाहते हैं हमें उस के गाल को चूम कर पीना है हम उस के साथ कुछ ख़रीदना चाहते हैं हमें उस के लिए झुमका पायल साड़ी सब ख़रीदना है हम उस के साथ चुप रहना चाहते हैं हमें उस की गोद में सर रख कर दुख बाँटना है हम उस के साथ गले लगना चाहते हैं हमें उस के आते ही उस का माथा चूमना है हम उस के साथ घंटो बातें करना चाहते हैं हमें उस को गोद में बिठा कर उस की बातें सुनना है हम उस के साथ तैयार होना चाहते हैं हमें उस को साड़ी बिंदी में देखना है हम उस सेे साथ लड़ना चाहते हैं हमें उस को परेशान कर के मनाना है हम उस के साथ नाम बनाना चाहते हैं हमें उस के नाम से अपना नाम जोड़ना है हम उस के साथ जीना चाहते हैं हमें उस के साथ ज़िंदगी जीना है — Rohit ydv
“हमारा मिलना” जब तुम मुझ सेे मिलने आती थी मैं कितना बेसब्री से इंतिज़ार करता था जब तुम मेरे पास आ जाती थी मेरा दिल तेज़ी से धड़कने लगता था जब तुम पास मेरे बैठा करती थी मैं बस तुम को ही देखता रहता था तुम धीमे से मुस्कराया करती थी तुम उस वक़्त बहुत ही प्यारी लगती थी ऐसा लगता था ये लम्हा यहीं थम जाए मैं धीरे से तुम सेे बोला करता था तुम प्यार से जवाब दिया करती थी जब मैं नाराज़ हो जाता था तब तुम मुझे प्यार से मनाती थी मैं तुम सेे न जाने क्या क्या पूछता था तुम सब कुछ प्यार से समझाती थी तुम कितने शांत सी बैठा करती थी मैं कितना परेशान किया करता था जब तुम प्यार से गाल को चूमती थी मुझे बहुत बहुत बहुत अच्छा लगता था तुम बस एक घंटे के लिए आया करती थी मैं तुम्हारे होंठों को कितनी बार चूमता था तुम कभी कभी मेरी गोद में बैठा करती थी मेरा मोबाइल बच्चों की तरह चलाया करती थी जब तुम घर को वापस जाया करती थी मैं तुम को देर तक गले लगाता था तुम ख़ुद को मुझ सेे छुड़ाया करती थी मैं कस कर तुम को पकड़े रखता था जब तुम मुझ सेे मिलने आया करती थी कितनी प्यारी प्यारी बातें किया करते थे मन करता है वो लम्हें वो यादें वो दिन फिर से आ जाए फिर से हम वही शा में वही दिन वही मुलाक़ातें वही ज़िन्दगी जिएँ — Rohit ydv
नज़्म: उस की याद मेरा कमरा उस की याद दिलाता है वो जब भी आती है पहले गले लगाती है मैं बस उस का इंतिज़ार करता हूँ वो है कि इतनी दूर से आती है मैं बस उस को देखता रहता हूँ वो मुझ को सब कुछ समझाती है मैं बस उस की हाँ में हाँ मिलाता हूँ वो मुझ को सब कुछ बताती है मैं तो बस उस को छूना चाहता हूँ वो मुझ को बोसा देकर जाती है मैं तो बस उस को जाते हुए देखता हूँ वो है कि उसे तो जाना भी होता है मैं हूँ कि मैं कुछ नहीं करता हूँ वो है कि उसे सब कुछ करना होता है मुझे तो बस नाराज़ होना होता है उसे तो रिश्ता भी बचाना होता है मेरा कमरा उस की याद दिलाता है वो जब भी आती है पहले गले लगाती है — Rohit ydv