hamaara milnaa | “हमारा मिलना”

  - Rohit ydv
“हमारामिलना”
जबतुममुझसेेमिलनेआतीथी
मैंकितनाबेसब्रीसेइंतिज़ारकरताथा
जबतुममेरेपासजातीथी
मेरादिलतेज़ीसेधड़कनेलगताथा
जबतुमपासमेरेबैठाकरतीथी
मैंबसतुमकोहीदेखतारहताथा
तुमधी
मेंसेमुस्करायाकरतीथी
तुमउसवक़्तबहुतहीप्यारीलगतीथी
ऐसालगताथायेलम्हायहींथमजाए
मैंधीरेसेतुमसेेबोलाकरताथा
तुमप्यारसेजवाबदियाकरतीथी
जबमैंनाराज़होजाताथा
तबतुममुझेप्यारसेमनातीथी
मैंतुमसेेजानेक्याक्यापूछताथा
तुमसबकुछप्यारसेसमझातीथी
तुमकितनेशांतसीबैठाकरतीथी
मैंकितनापरेशानकियाकरताथा
जबतुमप्यारसेगालकोचूमतीथी
मुझेबहुतबहुतबहुतअच्छालगताथा
तुमबसएकघंटेकेलिएआयाकरतीथी
मैंतुम्हारेहोंठोंकोकितनीबारचूमताथा
तुमकभीकभीमेरीगोदमेंबैठाकरतीथी
मेरामोबाइलबच्चोंकीतरहचलायाकरतीथी
जबतुमघरकोवापसजायाकरतीथी
मैंतुमकोदेरतकगलेलगाताथा
तुमख़ुदकोमुझसेेछुड़ायाकरतीथी
मैंकसकरतुमकोपकड़ेरखताथा
जबतुममुझसेेमिलनेआयाकरतीथी
कितनीप्यारीप्यारीबातेंकियाकरतेथे
मनकरताहैवोलम्हेंवोयादेंवोदिन
फिरसेजाएफिरसेहमवहीशा
में
वहीदिनवहीमुलाक़ातेंवहीज़िन्दगीजिएँ
  - Rohit ydv
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haseen Shayari

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