Sarvat Husain

Sarvat Husain

@sarvat-hussain

Sarvat Husain shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Sarvat Husain's shayari and don't forget to save your favorite ones.

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Sher

शहज़ादी तेरे माथे पर ये ज़ख़्म रहेगा लेकिन इस को चूमने वाला फिर नहीं होगा — Sarvat Husain
हर सुब्ह निकलना किसी दीवार-ए-तरब से हर शाम किसी मंज़िल-ए-ग़मनाक पे होना — Sarvat Husain
मौत के दरिंदे में इक कशिश तो है 'सरवत' लोग कुछ भी कहते हों ख़ुद-कुशी के बारे में — Sarvat Husain
सूरमा जिस के किनारों से पलट आते हैं मैं ने कश्ती को उतारा है उसी पानी में — Sarvat Husain
जिसे अंजाम तुम समझती हो इब्तिदा है किसी कहानी की — Sarvat Husain
इस्म भूल बैठे हम जिस्म भूल बैठे हम वो हमें मिली यारो रात इक सितारे में — Sarvat Husain
पाँव साकित हो गए 'सरवत' किसी को देख कर इक कशिश महताब जैसी चेहरा-ए-दिलबर में थी — Sarvat Husain
मिट्टी पे नुमूदार हैं पानी के ज़ख़ीरे इन में कोई औरत से ज़ियादा नहीं गहरा — Sarvat Husain
भर जाएँगे जब ज़ख़्म तो आऊँगा दोबारा मैं हार गया जंग मगर दिल नहीं हारा — Sarvat Husain

Ghazal

कभी तेग़-ए-तेज़ सुपुर्द की कभी तोहफ़ा-ए-गुल-ए-तर दिया किसी शाह-ज़ादी के इश्क़ ने मेरा दिल सितारों से भर दिया ये जो रौशनी है कलाम में कि बरस रही है तमाम में मुझे सब्र ने ये समर दिया मुझे ज़ब्त ने ये हुनर दिया ज़मीं छोड़ कर नहीं जाऊँगा नया शहर एक बसाऊँगा मेरे बख़्त ने मेरे अहद ने मुझे इख़्तियार अगर दिया किसी ज़ख़्म-ए-ताज़ा की चाह में कहीं भूल बैठूँ न राह में किसी नौजवाँ की निगाह ने जो पयाम वक़्त-ए-सहर दिया मेरे साथ बूद-ओ-नबूद में जो धड़क रहा है वजूद में इसी दिल ने एक जहान का मुझे रू-शनास तो कर दिया — Sarvat Husain