Umair Najmi

Top 10 of Umair Najmi

    याद तब करते हो करने को न हो जब कुछ भी
    और कहते हो तुम्हें इश्क़ है मतलब कुछ भी

    अब जो आ आ के बताते हो वो शख़्स ऐसा था
    जब मेरे साथ था वो क्यूँ न कहा तब कुछ भी

    वक्फ़े-वक्फ़े से मुझे देखने आते रहना
    हिज्र की शब है सो हो सकता है इस शब कुछ भी
    Read Full
    Umair Najmi
    65 Likes
    वो मुँह लगाता है जब कोई काम होता है
    जो उसका होता है समझो ग़ुलाम होता है

    किसी का हो के दुबारा न आना मेरी तरफ़
    मोहब्बतों में हलाला हराम होता है

    इसे भी गिनते हैं हम लोग अहल-ए-ख़ाना में
    हमारे याँ तो शजर का भी नाम होता है

    तुझ ऐसे शख़्स के होते हैं ख़ास दोस्त बहुत
    तुझ ऐसा शख़्स बहुत जल्द आम होता है

    कभी लगी है तुम्हें कोई शाम आख़िरी शाम
    हमारे साथ ये हर एक शाम होता है
    Read Full
    Umair Najmi
    75 Likes
    किसी गली में किराए पे घर लिया उसने
    फिर उस गली में घरों के किराए बढ़ने लगे
    Umair Najmi
    156 Likes
    मैं चाहता था मुझसे बिछड़ कर वो ख़ुश रहे
    लेकिन वो ख़ुश हुआ तो बड़ा दुख हुआ मुझे
    Umair Najmi
    97 Likes
    झुक के चलता हूँ कि क़द उसके बराबर न लगे
    दूसरा ये कि उसे राह में ठोकर न लगे

    ये तेरे साथ तअ'ल्लुक़ का बड़ा फ़ायदा है
    आदमी हो भी तो औक़ात से बाहर न लगे

    नीम तारीक सा माहौल है दरकार मुझे
    ऐसा माहौल जहाँ आँख लगे डर न लगे

    माँओं ने चूमना होते हैं बुरीदा सर भी
    उस से कहना कि कोई ज़ख़्म जबीं पर न लगे

    ये तलबगार निगाहों के तक़ाज़े हर सू
    कोई तो ऐसी जगह हो जो मुझे घर न लगे

    ये जो आईना है देखूँ तो ख़ला दिखता है
    इस जगह कुछ भी न लगवाऊँ तो बेहतर न लगे

    तुम ने छोड़ा तो किसी और से टकराऊँगा मैं
    कैसे मुमकिन है कि अंधे का कहीं सर न लगे
    Read Full
    Umair Najmi
    46 Likes
    बिछड़ गए तो ये दिल उम्र भर लगेगा नहीं
    लगेगा लगने लगा है मगर लगेगा नहीं

    नहीं लगेगा उसे देख कर मगर ख़ुश है
    मैं ख़ुश नहीं हूँ मगर देख कर लगेगा नहीं
    Read Full
    Umair Najmi
    1230 Likes
    कमरे में सिगरेटों का धुआँ और तेरी महक
    जैसे शदीद धुँध में बाग़ों की सैर हो
    Umair Najmi
    74 Likes
    निकाल लाया हूँ एक पिंजरे से इक परिंदा
    अब इस परिंदे के दिल से पिंजरा निकालना है
    Umair Najmi
    99 Likes
    जानता हूँ कि तुझे साथ तो रखते हैं कई
    पूछना था कि तेरा ध्यान भी रखता है कोई?
    Umair Najmi
    109 Likes
    नहीं लगेगा उसे देख कर मगर ख़ुश है
    मैं ख़ुश नहीं हूँ मगर देख कर लगेगा नहीं
    Umair Najmi
    201 Likes

Top 10 of Similar Writers