प्यार में हद से मैं गुज़र जाता
जिस्म से रूह तक उतर जाता
देखते जो मेरी निगाहों में
इश्क़ का तुम में भी असर जाता
है वफ़ा में मेरी बहुत शिद्दत
कहते तुम प्यार से तो मर जाता
टूट जाता अगर ये दिल मेरा
काँच के जैसे मैं बिखर जाता
बे-वफ़ाई का ग़म मेरा देखा
सुन सदाऍं ख़ुदा उतर जाता
है उदासी सी ज़िंदगी अपनी
देख कर मैं तुझे निखर जाता
दे रही है हवा पता तेरा
खोजने तुझको मैं जिधर जाता
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