Manish

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@Acharya

Manish shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Manish's shayari and don't forget to save your favorite ones.

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Sher

दुश्मनी मुल्कों की ही मासूमियत है खा गईं वहशतें ही इस वजह से ज़ेहन पर हैं छा गईं — Manish
इक समुंदर ने डुबोने की मुझे साज़िश की है मैं ने बन तूफ़ान फिर से उठने की कोशिश की है — Manish
जब ख़ुदा की दो निगाहें अश्क से यूँँ भर गई सब दुआएँ हूर बन कर आसमाँ सर कर गई — Manish
परस्तिश नेक हो मंदिर अज़ानों से बरसती हैं दुआएँ आसमानों से — Manish
माँ मेरी काम ख़ुदा का करती सब दुआ काम दवा का करती — Manish
गुनह कर ख़ुदा से छुपाते हैं लोग मिले दर्द तो बिलबिलाते हैं लोग — Manish
रूह के ज़ख़्म की सब दवा मिल गई जब मोहब्बत की तेरे हवा मिल गई — Manish
आप पर जो दु'आओं का पहरा है दर्द पाए न छू इतना गहरा है — Manish
ख़ुशबू मोहब्बत की तेरी हर श्वास में है कब से मेरा दिल इस सबब एहसास में है — Manish
तेरे माथे को चूमूँ मैं मुहब्बत भर के देखूँ हवस से ख़ाली होकर रूह के ग़म हर के देखूँ — Manish
जब ख़ुदा की दो निगाहें अश्क से यूँँ भर गईं सब दुआएँ हूर बन कर आसमाँ सर कर गईं — Manish
ग़म मेरी ज़िंदगी की कहानी में है इस सबब से ग़ज़ल ये रवानी में है — Manish

Ghazal

इश्क़ में लो चोट खाना आ गया दर्द को दिल से मिटाना आ गया सब दुआ माँ की हिफ़ाज़त कर रही और फ़रिश्ता जी बचाने आ गया ठोकरों से ज़िंदगी की सीख ली हाथ दुश्मन से मिलाना आ गया प्यार भी तो बंदगी है कुछ नहीं ये परस्तिश भी निभाना आ गया हम को उल्फ़त के मुबारक ग़म सभी ज़ख़्म खा कर मुस्कुराना आ गया दर्द का रिश्ता है क्या इक दोस्त से दोस्त ग़म में ये बताने आ गया मैं सुनाऊँ चल तुझे अच्छी ग़ज़ल सामने चेहरा सुहाना आ गया ज़िंदगी लो फिर मुकम्मल हो गई जब से हम को ज़ख़्म खाना आ गया हम तेरी जब से गली रहने लगे प्यार का क़िस्सा सुनाना आ गया वक़्त अच्छा या बुरा ही क्यूँ न हो हम को तो हॅंस कर बिताना आ गया — Manish