kuchh to samjhe ki use baat bataai jaa.e | कुछ तो समझे कि उसे बात बताई जाए

  - Mohd Afsar

कुछ तो समझे कि उसे बात बताई जाए
ये मोहब्बत तो नहीं है जो छुपाई जाए

वो ज़मीं पर भी सितारे बिछा सकता है मगर
उस सेे कह पहले यहाँ झील बनाई जाए

रात कैसे कटे ये उसका नगर है उसका
चल उसी के यहाँ पे रात बिताई जाए

हम सभी लोग चलें साथ हिफ़ाज़त के लिए
जब अकेली कभी भी बेटी पराई जाए

अपनी ग़ज़लों में बड़े शायरों का मिसरा हम
ले नहीं सकते तो दानाई चुराई जाए

आज मौक़ा है दिखाने का उसे अपना फ़न
वो सुने और ग़ज़ल मेरी सुनाई जाए

  - Mohd Afsar

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