बहुत उज्लत में रहता है वो कुछ भी भूल जाता है
मोहब्बत मुझ सेे करता है मुझे ही भूल जाता है
अगर खुल जाएँ जो उसकी कभी ज़ुल्फ़ें अचानक से
अचानक से खिलाड़ी जीती बाज़ी भूल जाता है
ये लड़का सोचता है अब के तो ग़ुस्सा ही रहना है
वो थोड़ा मुस्कुराती है ये तल्ख़ी भूल जाता है
न जाने क्यूँ मेरे सब दोस्त मुझको यूँँ चिढ़ाते हैं
कि तू जब उस सेे मिलता है तो यारी भूल जाता है
वो इसको छोड़कर बाक़ी सभी कुछ याद रखती है
ये उसको छोड़कर बातें भी सारी भूल जाता है
छुपाने का है ये नाटक इसे सच मत समझना तुम
भला वो कौन है जो अपना माज़ी भूल जाता है
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