जो कल इधर था वो अब किधर है मुझे पता है मुझे ख़बर है

हर इक डगर पर मेरी नज़र है मुझे पता है मुझे ख़बर है

मुझे लिटा तो दो क़ब्र में तुम पर आँख मेरी खुली ही रखना
ज़रा सी दूरी पे हम सफ़र है मुझे पता है मुझे ख़बर है

कोई ज़रूरत नहीं है बिल्कुल किसी को समझाने की यहाँ पर
तुम्हें पता है तुम्हें ख़बर है मुझे पता है मुझे ख़बर है

यूँ ही नहीं हैं ख़िलाफ़ मेरे तमाम लोग आज थे जो अपने
हर इक बशर पर तेरा असर है मुझे पता है मुझे ख़बर है

मुझे भी हाँ दिख रही हैं लाशें हर एक परवाने की यहाँ पे
मेरी कहानी भी मुख़्तसर है मुझे पता है मुझे ख़बर है

मुझे बताओ मत उस के क़िस्से मैं आख़िरी बार कह रहा हूँ
मुझे पता है मुझे ख़बर है मुझे पता है मुझे ख़बर है

— Amaan Pathan

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