हमारी जान तुम सेे दूर होकर
बिताए दिन बहुत मजबूर होकर
हमें ये ब्लॉक कर के हर जगह से
तुम्हें क्या मिल गया मग़रूर होकर
हमें भी लोग अब पहचानते हैं
बहुत बदनाम हैं मशहूर होकर
पिलाया जाम था आँखों से तुम ने
पड़े हैं हम नशे में चूर होकर
— Prashant Arahat
बिताए दिन बहुत मजबूर होकर
हमें ये ब्लॉक कर के हर जगह से
तुम्हें क्या मिल गया मग़रूर होकर
हमें भी लोग अब पहचानते हैं
बहुत बदनाम हैं मशहूर होकर
पिलाया जाम था आँखों से तुम ने
पड़े हैं हम नशे में चूर होकर
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