
बाक़ी सब सेे मिलना जुलना बातें करना एक तरफ़
उस की प्यारी बातें सुनना सुंदर लहजा एक तरफ़
खिलते गुलशन सारी ख़ुशबू अच्छे हैं माना लेकिन
नीली साड़ी उस का चेहरा हाथ में चश्मा एक तरफ़
— Prashant Arahat
Other sher from the same pen
Shers of chehra.
Voices in the same orbit
Poetry by feeling