neh ka paawan samay hi bas hamaari saadhna hai | नेह का पावन समय ही बस हमारी साधना है

  - Prashant Arahat

नेह का पावन समय ही बस हमारी साधना है
वो मिले मुझको यही बस हर समय अब कामना है
इश्क़ मज़हब है हमारा और रहते हैं दिलों में
कौन रखता है दिलों में ये हमें अब देखना है

नफ़रतों का काट जंगल अब मुहब्बत का मुझे ही
हर जगह हर एक दिल में एक पौधा रोपना है

मृत्यु से कह दो अभी तुम काम मेरा है धरा पर
बस मुझे हर एक दिल को प्यार से ही सींचना है

  - Prashant Arahat

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